Haryana Officer Transfer: हरियाणा सरकार ने एक बार फिर ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल करते हुए चार आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके साथ ही हरियाणा सिविल सर्विस (कार्यकारी शाखा) के 20 अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (ACPL-18) देने के आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार का यह फैसला 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, आईएएस अधिकारी डॉ. राजा शेखर वुंडरू, जो वर्तमान में मत्स्य पालन विभाग और परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं, को अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
वहीं, आईएएस डी. सुरेश, जो इस समय हरियाणा भवन, नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव हैं, को अब हरियाणा भवन, नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर के साथ-साथ मत्स्य पालन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है।
इसके अलावा थानेसर के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) शाश्वत सांगवान को स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का नया मिशन डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वे जयदीप कुमार के स्थान पर यह जिम्मेदारी संभालेंगे। जयदीप कुमार को इस पद से मुक्त किए जाने के बाद अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। जयदीप कुमार की अगली नियुक्ति को लेकर आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने टॉप ब्यूरोक्रेसी से जुड़े अधिकारियों की ट्रांसफर सूची भी जारी की थी, जिसमें 1990 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा और सुधीर राजपाल के नाम शामिल थे।
20 HCS अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल
हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सर्विस (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) के 20 अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (ACPL-18) देने की मंजूरी दी है। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।
जिन अधिकारियों को यह लाभ दिया गया है, उनमें मनीषा शर्मा, कमल प्रीत कौर, अमित कुमार-I, प्रदीप कुमार-II, डॉ. सुशील कुमार, अनु, निशु, नम्रता सिंघल, विराट, विवेक चौधरी, दलबीर सिंह, अश्विनी मलिक, नरेंद्र पाल मलिक, शालिनी चेतल, पूजा चावरिया, सतीश कुमार, त्रिलोक चंद, विवेक कालिया, अजय चोपड़ा, मनोज खत्री और गौरव कुमार शामिल हैं।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक मजबूती और अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।