Haryana Mid-day Meal: शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे मील योजना को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए फरवरी 2026 माह का मिड-डे मील मासिक मेन्यू जारी कर दिया गया है। नए मेन्यू के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अब अधिक स्वादिष्ट, पौष्टिक और विविध भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार फरवरी माह से मिड-डे मील में नई रेसिपी और नया साप्ताहिक शेड्यूल लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ विद्यालयों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। नए मेन्यू में दाल, चावल, सब्जी, परांठा, दलिया, खिचड़ी जैसे कई पौष्टिक व्यंजन शामिल किए गए हैं। प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग प्रकार का पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा, जबकि रविवार और द्वितीय शनिवार को अवकाश रहेगा।
हरियाणा एग्रो से होगा खाद्य सामग्री का टाई-अप
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि पहले मिड-डे मील के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री स्कूल स्तर पर ही खरीदी जाती थी, लेकिन अब विभाग ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा एग्रो के साथ टाई-अप किया है। हरियाणा एग्रो की ओर से दालें, अनाज, मसाले और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी, जबकि सब्जियों की खरीद पहले की तरह स्कूल स्तर पर ही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गुणवत्ता की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें प्रिंसिपल, हेड मास्टर, जेबीटी शिक्षक और एलिमेंटरी शिक्षक शामिल होंगे। हरियाणा एग्रो के सप्लाई केंद्रों पर टीम द्वारा निरीक्षण के बाद ही सामग्री को स्कूलों में भेजा जाएगा।
बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता पर पड़ेगा सकारात्मक असर
शिक्षा विभाग का मानना है कि भोजन में विविधता और पोषण स्तर बढ़ने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। साथ ही इससे बच्चों की स्कूल उपस्थिति और सीखने की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। विभाग ने विद्यालय प्रबंधन समितियों और रसोइयों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मिड-डे मील केवल निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही तैयार किया जाए।
हरियाणा एग्रो द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री
हरियाणा एग्रो की ओर से दालें, राजमा चित्रा, काबुली चना, मूंग छिल्का, मूंग दाल, मसूर दाल, सोया चूरा, काला चना, बेसन, गुड़, सरसों का तेल, रिफाइंड तेल, नमक, मूंगफली, रागी आटा, सौंफ, मेथी दाना, जीरा, लाल मिर्च पाउडर, धनिया, गर्म मसाला और हल्दी जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में बच्चे पहले से ही खीर और पिन्नियों का स्वाद ले रहे हैं।
फरवरी माह का साप्ताहिक मेन्यू
पहला सप्ताह
- 2 फरवरी: वेज पुलाव व काला चना
- 3 फरवरी: रोटी व घिया-चना दाल
- 4 फरवरी: राजमा-चावल
- 5 फरवरी: कढ़ी-पकौड़ा व चावल
- 6 फरवरी: गुड़ रोटी व दही
- शनिवार: पौष्टिक मिलेट परांठा व दही
दूसरा सप्ताह
- सोया खिचड़ी
- मीठा दलिया
- चावल व सफेद चना
- पौष्टिक चना दाल खिचड़ी
तीसरा सप्ताह
- दाल-चावल
- मूंग-मसूर दाल
- मौसमी सब्जी
- मीठे मूंगफली चावल
- नमकीन दलिया
- गेहूं-रागी का पूड़ा
चौथे सप्ताह में पहले सप्ताह का मेन्यू दोहराया जाएगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह बदलाव मिड-डे मील योजना को और प्रभावी बनाएगा और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को संतुलित व गुणवत्तापूर्ण आहार सुनिश्चित करेगा।