Namo Bharat Rapid Rail: केंद्र सरकार ने नमो भारत आरआरटीएस (रैपिड रेल) परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल दिल्ली–गुरुग्राम–रेवाड़ी क्षेत्र में यातायात जाम की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि धारूहेड़ा और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहद तेज हो जाएगी। प्रस्तावित रूट पर दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर महज 5 मिनट में पूरा होने का अनुमान है।
यातायात जाम से मिलेगी बड़ी राहत
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना की मंजूरी की जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पत्र लिखकर दी है। यह परियोजना दिल्ली–अलवर नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण का हिस्सा होगी। वर्तमान में दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। रैपिड रेल के शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा लाभ
दिल्ली–जयपुर हाईवे पर स्थित बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी पहचान रखते हैं। इन क्षेत्रों में 700 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां कार्यरत हैं, जिनसे 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। दिल्ली से बावल की दूरी करीब 90 किलोमीटर है, जिसमें लगभग 22 किलोमीटर दिल्ली और शेष हिस्सा हरियाणा में पड़ता है। परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
दूसरे चरण में नीमराना तक विस्तार संभव
हालांकि पहले चरण में राजस्थान के नीमराना तक परियोजना का विस्तार शामिल नहीं किया गया है, जिससे वहां के लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि दूसरे चरण में नीमराना तक विस्तार पर विचार किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि राव इंद्रजीत सिंह लंबे समय से इस परियोजना को नीमराना तक बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। पहले चरण में नीमराना को शामिल न किए जाने से राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
कुल मिलाकर, सराय काले खां–बावल नमो भारत रैपिड रेल परियोजना को क्षेत्र के यातायात, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
होंगे ये बड़े फायदे
- केंद्र सरकार ने सराय काले खां-बावल नमो भारत आरआरटीएस परियोजना को दी मंजूरी
- दिल्ली-अलवर कॉरिडोर के पहले चरण में बावल तक होगा रैपिड रेल का निर्माण
- धारूहेड़ा और बावल औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर सिर्फ 5 मिनट में संभव
- दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी रूट पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
- दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बढ़ते वाहनों के दबाव में आएगी कमी
- बावल-धारूहेड़ा क्षेत्र में 700 से अधिक कंपनियों और 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
- परियोजना से औद्योगिक कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
- दूसरे चरण में राजस्थान के नीमराना तक विस्तार पर विचार संभव