Ganga Expressway Update: उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे पर FASTag आधारित टोल सिस्टम का सफल ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है, जिसके बाद इसके उद्घाटन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगले महीने इसके औपचारिक उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।
🚧 1498 स्ट्रक्चर पूरे, 6 लेन से 8 लेन तक होगा विस्तार
करीब 594 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन (एक्सपेंडेबल 8-लेन) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर अब तक सभी 1498 स्ट्रक्चर—पुल, पुलिया और फ्लाईओवर—का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह एक्सप्रेसवे 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है।
⏱️ मेरठ–प्रयागराज की दूरी होगी आधी
फिलहाल मेरठ से प्रयागराज की यात्रा में करीब 12 घंटे लगते हैं, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ 6 से 8 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
🗺️ इन 12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे प्रदेश के 12 जिलों को सीधा फायदा मिलेगा—
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
📈 अर्थव्यवस्था, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने से उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे रूट ग्राफ
गंगा एक्सप्रेसवे का नक्शा इसके मार्ग को दर्शाता है। गंगा एक्सप्रेसवे का मार्ग 12 से अधिक जिलों को कवर करता है। इसका आरंभिक बिंदु, बीजाउली, मेरठ में राष्ट्रीय राजमार्ग 334 पर स्थित है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे का अंतिम बिंदु, सोरांव के पास स्थित जुदापुर दांडू गांव, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 19 पर है।