Haryana Census 2027: भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर हरियाणा सरकार ने आधिकारिक रूप से अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं हाउसहोल्ड एन्यूमरेशन का कार्य किया जाएगा।
पहले चरण में राज्य के सभी जिलों, शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में हर प्रकार के मकानों, भवनों और आवासीय इकाइयों का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि कोई भवन आवासीय है, व्यावसायिक है या मिश्रित उपयोग में है। साथ ही यह भी जानकारी ली जाएगी कि भवन पक्का है या कच्चा, उसमें कितने परिवार रहते हैं और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
सरकार के अनुसार यह चरण जनगणना की नींव माना जाता है, क्योंकि इसी के आधार पर दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ा विस्तृत डाटा एकत्र किया जाता है। मकान सूचीकरण के दौरान डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे डाटा अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षित गणनाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। आम जनता से अपील की गई है कि वे गणनाकर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना के आंकड़े वास्तविक और भरोसेमंद हों।
जनगणना 2027 के आंकड़े राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बेहद अहम होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं की रूपरेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तय की जाती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मकान सूचीकरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक जानकारी दर्ज की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, ऐसे में 2027 की जनगणना देश की बदलती सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।