Western Disturbance Haryana: हरियाणा समेत उत्तर भारत में 31 जनवरी से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ पहले के अनुमान की तुलना में कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मौसम के ताज़ा विश्लेषण के अनुसार यह सिस्टम व्यापक और तेज बारिश कराने में सक्षम नहीं होगा, बल्कि इससे केवल सीमित क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी है। हालांकि दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा में बारिश की उम्मीद थोड़ी बेहतर जरूर हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 1 फरवरी को सक्रिय सिस्टम का असर पंजाब के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है, जबकि 2 फरवरी की शाम से 3 फरवरी के बीच एक अन्य सिस्टम उत्तर प्रदेश की ओर खिसकने की संभावना है। इसका प्रभाव यूपी से सटे हरियाणा के जिलों में हल्की बारिश के रूप में दिख सकता है।
इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना
गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, पंचकूला, अंबाला और चंडीगढ़ में अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। कुछ इलाकों में मध्यम वर्षा हो सकती है, जबकि बहुत ही चुनिंदा जगहों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
इसके साथ ही पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, रोपड़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, जालंधर, लुधियाना और पठानकोट में भी हल्की बूंदाबांदी संभव है। इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।
कम संभावना वाले जिले
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश की संभावनाएं कम हैं। हालांकि यहां भी कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। ओलावृष्टि की संभावना इन जिलों में बहुत कम बताई गई है।
बादल, हवाएं और तापमान
आने वाले दिनों में अधिकांश क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। अगले 3 से 4 दिनों तक हल्की पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाएं चलने की संभावना है। धूप न निकल पाने के कारण दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
31 जनवरी को उत्तरी हरियाणा के कई जिलों—कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, यमुनानगर, पंचकूला और अंबाला—सहित आसपास के क्षेत्रों में देर दोपहर तक घनी धुंध छाई रही। इससे धूप नहीं निकल पाई और कई इलाकों में शीत-दिवस जैसी स्थिति बनी रही।
धुंध को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 1 से 5 फरवरी के बीच एक बार फिर धुंध लौट सकती है। कई स्थानों पर सुबह घनी धुंध छाए रहने और कुछ इलाकों में दोपहर तक धुंध न छंटने की आशंका है। इससे शीत-दिवस की स्थिति फिर बन सकती है। हालांकि न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है और यह 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर जरूर है, लेकिन बादल, हल्की बारिश और धुंध के कारण ठंड का असर फिलहाल बरकरार रहने के आसार हैं